चंडीगढ़ , अक्टूबर 12 -- शिरोमणि अकाली दल पुनर-सुरजीत ने पंजाब में बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी धान की फसल तथा मंडियों में रखी उपज को हुए नुकसान का आकलन कर किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। पार्टी के महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा ने सोमवार को कहा कि बारिश के बाद धान में नमी बढ़ने और दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने से खरीद के दौरान किसानों तथा चावल मिल मालिकों के बीच विवाद की आशंका है।
श्री चंदूमाजरा ने प्रेसवार्ता में कहा कि सरकार को धान की गुणवत्ता और नमी की स्वीकार्य सीमा तय कर खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान, आढ़ती और चावल मिल मालिक पंजाब की मंडी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ियां हैं और इनमें से किसी एक के प्रभावित होने से पूरी व्यवस्था पर असर पड़ेगा। उन्होंने पंजाब सरकार से हरियाणा की तर्ज पर चावल मिलों को धान की मिलिंग के लिए 30 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में भंडारण की समस्या भी गंभीर है और इसके समाधान के लिए केंद्र सरकार के साथ प्रभावी समन्वय की जरूरत है। श्री चंदूमाजरा ने दावा किया कि पिछले वर्ष धान खरीद की सीमा 190 लाख टन थी, जिसे इस वर्ष घटाकर 180 लाख टन कर दिया गया है, जबकि मंडियों में 200 लाख टन से अधिक धान आने की उम्मीद है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। उन्होंने हाइब्रिड बीज से उत्पादित धान में टूटे दानों की स्वीकार्य सीमा से संबंधित प्रावधानों में बदलाव पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, पहले 25 प्रतिशत तक की छूट को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इससे चावल मिल मालिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा और हाइब्रिड धान पर प्रति क्विंटल 200 रुपये की कटौती का असर भी पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मंडी व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र के साथ पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही है। उन्होंने सरकार से खरीद सीमा में कटौती, टूटे दानों की स्वीकार्य सीमा में बदलाव और भंडारण की समस्या के समाधान के लिए अब तक उठाए गए कदमों का विवरण देने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी की ओर से 14 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर उपायुक्तों को मांगपत्र सौंपे जाएंगे। प्रेसवार्ता में पार्टी के कार्यालय सचिव जगजीत सिंह कोहली और कई अन्य नेता भी मौजूद थे।
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