बैतूल , सितंबर 01 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की भीमपुर तहसील के ग्राम कारीदा स्थित शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला में बारिश के दौरान एक से डेढ़ फीट तक पानी भरने से करीब तीन महीने से नियमित कक्षाएं प्रभावित हैं। फिलहाल विद्यार्थियों की पढ़ाई आंगनवाड़ी केंद्र में कराई जा रही है। ग्रामीणों ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे को आवेदन देकर ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर नया स्कूल भवन स्वीकृत करने की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल भवन निचले स्थान पर होने के कारण हर वर्ष बारिश में परिसर और कक्षाओं में पानी भर जाता है। इस वर्ष भी बच्चों को स्कूल पहुंचने और छुट्टी के बाद बाहर निकलने के दौरान घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। भवन की दीवारों में लगातार सीलन बनी रहने से उसकी स्थिति भी जर्जर होती जा रही है। शौचालय, बाउंड्रीवाल और खेल मैदान भी जलभराव से प्रभावित हैं।
ग्रामीणों ने जनसुनवाई में जलभराव की तस्वीरें प्रशासन को सौंपते हुए कहा कि समस्या हर वर्ष बनी रहती है। तीन महीने से वैकल्पिक स्थान पर पढ़ाई होने से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा और नियमित पढ़ाई के लिए नए भवन की मांग की।
ग्रामीणों ने कारीदा में साप्ताहिक हाट-बाजार शुरू कराने की मांग भी रखी। उनके अनुसार कारीदा ग्राम पंचायत कुनखेड़ी के अधीन है और पंचायत मुख्यालय करीब 18 किलोमीटर दूर है। कारीदा के अलावा आमाकोह और झिरिया टोला के करीब दो हजार ग्रामीणों को कुनखेड़ी बाजार जाने में परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि कारीदा में शनिवार को साप्ताहिक बाजार शुरू किया गया था, लेकिन पंचायत ने यह कहते हुए बंद करा दिया कि एक पंचायत में दो साप्ताहिक बाजार संचालित नहीं किए जा सकते। ग्रामीणों ने स्कूल भवन की समस्या के स्थायी समाधान के साथ कारीदा में साप्ताहिक हाट की अनुमति देने की मांग की है।
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