जालौन , अगस्त 5 -- उत्तर प्रदेश के जालौन में बुधवार को विकासखंड कुठौंद के अंतर्गत ग्राम पंचायत नौरेजपुर में एक मार्मिक घटना ने सभी की आंखें नम कर दीं।
गांव निवासी देवेंद्र पाल (36) पुत्र सियाराम पाल का गुजरात के पालनपुर में बीमारी के दौरान इलाज के समय निधन हो गया। वह वहां रंगाई पुताई का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े।
लगातार हो रही बारिश के बीच श्मशान घाट पर टीनशेड या पक्की छत न होने से अंतिम संस्कार में भारी परेशानी हुई। बारिश से बचने के लिए ग्रामीणों ने त्रिपाल लगाकर किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई। यह दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर यदि स्थायी छत होती तो शोक की घड़ी में परिवार को इतनी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता। घटना के बाद ग्रामीणों ने श्मशान घाट पर टीनशेड और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी कुठौंद से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। उनके पक्ष से यह जानकारी नहीं मिल सकी कि श्मशान घाट पर टीनशेड या पक्की छत के निर्माण का कोई प्रस्ताव स्वीकृत है या नहीं।
देवेंद्र पाल अपने पीछे छह वर्षीय पुत्र और चार वर्षीय पुत्री को छोड़ गए हैं। ग्रामीण गुलजारी पाल, सियाराम पाल, बालकिशुन, अभिलाख, गोविंद, पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार, सोबरन पाल, प्रमोद कोटेदार और नरपाल सहित कई लोगों ने प्रशासन से शीघ्र स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की।
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