नयी दिल्ली , मार्च 23 -- केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को संसद में कहा कि यदि शहरों में बारिश का पानी दो घंटे के भीतर निकल जाये तो "उसे बहुत जलजमाव" नहीं कहा जायेगा।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में श्री मनोहर लाल ने कहा कि जलजमाव से निपटने के उपाय राज्य के विषय में आते हैं। उन्होंने कहा कि शहरीकरण इतनी तेजी से बढ़ेगा यह पहले किसी ने सोचा नहीं था। इसलिए, 30 साल, 50 साल पहले जब शहरों की प्लानिंग हुई थी तो उसमें इतनी बड़ी आबादी और इतने बड़े विस्तार को ध्यान में नहीं रखा गया था।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण आज बारिश भी जब होती है तो काफी तेज होती है। मार्च के महीने में भी इतनी बारिश हो रही है और ओले गिर रहे हैं।
मंत्री ने कहा, "यदि बारिश का पानी दो घंटे में निकल जाये तो उसे बहुत जलजमाव नहीं माना जायेगा।"उन्होंने कहा कि दिल्ली और गुरुग्राम जैसे सभी बड़े शहरों में यह समस्या आती है। भविष्य में नये शहरों की प्लानिंग में इसका ध्यान रखा जायेगा।
यह पूछे जाने पर कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत इतना पैसा खर्च किया गया फिर क्यों यह समस्या हल नहीं हुई, मंत्री ने कहा कि प्रश्न स्मार्ट सिटी से संबंधित नहीं है। उन्होंने कहा कि आज का प्रश्न "गाय पर" है और वह उसी की तैयारी करके आये हैं। उन्होंने उस छात्र से अपनी तुलना की जिसे बताया गया था कि गाय पर लेख लिखने के लिए कहा जायेगा और उससे बरगद के पेड़ पर लेख लिखने के लिए कह दिया गया। उसने आंगन के वट वृक्ष के नीचे बंधी गाय के बारे में पूरा लेख लिख दिया।
श्री मनोहर लाल ने इतना जरूर कहा कि स्मार्ट सिटी में हर शहर को अधिकतम एक लाख करोड़ रुपये की मदद देने का प्रावधान है जो सभी कामों के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्यादा बारिश और अनियोजित विकास के कारण यह समस्या आ रही है। जलाशयों पर भी अतिक्रमण हुआ है जिसके कारण बारिश के बाद जल निकासी तेजी से नहीं होती।
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