बारां , अप्रैल 18 -- राजस्थान में बारां जिले के शाहबाद क्षेत्र में "शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन" के तहत शनिवार को शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति बारां की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन प्रस्तुत करने के लिये हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अभियान में आमजन, पर्यावरण प्रेमी, युवा, किसान एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक शिरकत की। अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शाहबाद का जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि यह क्षेत्र की जलवायु संतुलन, भूजल संरक्षण, वन्यजीव आवास और हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। औद्योगिक परियोजनाओं एवं अंधाधुंध कटाई से इस क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है, जिसे रोका जाना नितांत आवश्यक है।

अभियान प्रमुख हरिशंकर कटारिया ने कहा, " शाहबाद का जंगल नष्ट हुआ तो आने वाली पीढ़ियों को हम क्या सौंपेंगे। यह आंदोलन विकास के विरुद्ध नहीं, बल्कि विनाशकारी विकास के विरुद्ध है।" रवि खींची, अंकित कुमार ने भी विचार रखे।

हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से सौंपे जाने वाले ज्ञापन में प्रमुख रूप से शाहबाद जंगल में हो रही पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन की स्वतंत्र एवं पारदर्शी समीक्षा, स्थानीय समुदायों की सहमति और सहभागिता सुनिश्चित करने, क्षेत्र की जैव-विविधता, जल-स्रोतों एवं वन्यजीवों के संरक्षण और संविधान प्रदत्त पर्यावरणीय अधिकारों की रक्षा की मांग की जाएगी। अभियान में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हस्ताक्षर किये।

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