बारां , जुलाई 14 -- राजस्थान में बारां जिले के कवाई क्षेत्र के युवा नेता तरुण मीणा ने जेल से रिहा होने के बाद अदानी ऊर्जा संयंत्र, प्रबंधन और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाये हैं।
बारां जिला मुख्यालय पर देर शाम आयोजित प्रेस वार्ता में श्री मीणा ने कहा कि संयंत्र से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) के कारण क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले डेढ़ महीने में प्रदूषण से टीबी से तीन लोगों की मौत हुई है। घरों की छतों पर राख जम रही है और किसानों की भूमि की उर्वरता भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने क्षेत्र में प्रदूषण की निष्पक्ष जांच और स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराने की मांग की।
श्री मीणा ने आरोप लगाया कि निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कोष का उपयोग स्थानीय विकास कार्यों के बजाय अन्य क्षेत्रों में किया जा रहा है, जबकि कवाई क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। उन्होंने सीएसआर कोष के उपयोग की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी उठायी।
उन्होंने कहा कि उनके आंदोलन को समाप्त करने के लिए अदानी समूह से डेढ़ करोड़ रुपये लेने संबंधी चर्चाएं पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें केवल अफवाह हैं और उनका आंदोलन क्षेत्रीय जनहित के मुद्दों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि उपखंड अधिकारी ने उनकी मांगों पर चार दिन में निर्णय का आश्वासन दिया है। निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह पुनः बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
उल्लेखनीय है कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अदानी ऊर्जा संयंत्र के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कवाई थाना पुलिस ने तरुण मीणा, गब्बर सिंह सहित चार लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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