बारां , अप्रैल 24 -- राजस्थान में बारां शहर में नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है।

शहर में व्याप्त गंदगी, जाम नालियां और बदहाल सफाई व्यवस्था के बीच परिषद द्वारा दुकानदारों एवं छोटे व्यापारियों पर की जा रही जुर्माना कार्रवाई ने जनआक्रोश को खुलकर सामने ला दिया है।

शहरवासी नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। गुरुवार, शुक्रवार को नगर परिषद आयुक्त के नेतृत्व में एक संयुक्त दल ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों प्रताप चौक, चारमूर्ति चौराहा और बस स्टैंड मार्ग पर अस्थाई अतिक्रमण और सफाई को लेकर अभियान चलाया। इस दौरान कथित रूप से गंदगी फैलाने के आरोप में दुकानदारों, ठेला संचालकों, गुमटी धारकों और छोटे व्यापारियों पर जुर्माना लगाकर गुलाबी रसीद के जरिए वसूली की गई। कार्रवाई का दायरा खासतौर पर उन लोगों तक सीमित दिखा जो छोटे स्तर पर रोज़ी-रोटी कमाते हैं, जिससे नाराज़गी और अधिक बढ़ गई।

कुछ दुकानदार व्यापारियों ने श्रीराम स्टेडियम रोड पर विरोध जताते हुए अधिकारियों से सवाल कर डाला। उनका कहना था कि दुकानों से सटी नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं, जिनसे उठती दुर्गंध ने कारोबार प्रभावित कर दिया है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब नगर परिषद स्वयं बुनियादी सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर पा रही, तो केवल जुर्माना लगाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना न्यायसंगत नहीं है। मौके पर मौजूद अधिकारियों के पास इन सवालों का ठोस जवाब नहीं होने से स्थिति और असहज हो गई।

व्यापारियों का आरोप है कि अभियान में छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे यह धारणा बन रही है कि कार्रवाई संतुलित और पारदर्शी नहीं है। लोगों ने इसे राजस्व वसूली का आसान तरीका तक करार दिया।

स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि नगर परिषद ने जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया और एकतरफा कार्रवाई जारी रखी, तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित