रांची , अप्रैल 26 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में अवैध खनन को लेकर सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है।
श्री मरांडी ने आज कहा कि साहिबगंज, पाकुड़, धनबाद, बोकारो, रांची और चाईबासा जैसे जिलों में अवैध खनन की चर्चा अक्सर होती रहती है, लेकिन लातेहार, चतरा और पलामू के रास्ते बिहार और उत्तर प्रदेश तक चल रही कोयला तस्करी ने राज्य को अरबों रुपये का नुकसान पहुंचाया है।
श्री मरांडी ने कहा कि इस मुद्दे को पिछले साल नवंबर में भी उठाया था। उस समय कुछ दिनों के लिए गतिविधियां धीमी पड़ीं, लेकिन हाल के महीनों में यह सिंडिकेट फिर से सक्रिय हो गया है।
वहीं श्री मरांडी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संरक्षण में राज्य के बड़े अधिकारियों और माफियाओं के साठगांठ से संचालित इस गिरोह का खौफ इतना है कि झारखंड की सीमा तक इन कोयला लदे ट्रकों को कोई रोकने की हिम्मत नहीं करता। यदि कोई समाजसेवी या पत्रकार हिम्मत भी करता है, तो उन्हें धमकियां दी जाने लगती हैं। कतिपय ट्रकों पर बिहार में प्रवेश करने के बाद ही पुलिस कार्रवाई शुरू होती है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ कोयला ही नहीं, खनन माफियाओं ने डाल्टनगंज-औरंगाबाद को जोड़ने वाले एन एच के ठीक किनारे स्थित पलामू के छतरपुर में बड़े-बड़े पहाड़ों को पाताल बना दिया है। डीसी, एसपी से लेकर पूरा जिला प्रशासन और रांची में बैठे अधिकारीयों के संरक्षण में यह खेल हो रहा है।
श्री मरांडी ने कहा कि ईडी और सीबीआई इस मामले का संज्ञान लें और पलामू में हो रहे कोयला तस्करी और हजारों करोड़ के अवैध खनन की गहन जांच करें।
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