चंडीगढ़ , जुलाई 07 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाबा मक्खन शाह लुबाना और बाबा लक्खी शाह बंजारा सिख और भारतीय इतिहास के अमर अध्याय हैं। उनका जीवन त्याग, सेवा और बलिदान की मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक समाज या पंथ के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की साझा धरोहर होते हैं। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार 'संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना' चला रही है।
संत कबीर कुटीर में आयोजित राज्य स्तरीय जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने पेहवा स्थित बाबा मक्खन शाह लुबाना धर्मशाला के निर्माण के लिए 31 लाख रुपये तथा दतौली गांव में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए भी 31 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बाबा मक्खन शाह लुबाना के नाम पर किसी संस्थान का नाम रखने की बात भी कही। कार्यक्रम के दौरान बंजारा समाज के प्रतिनिधियों ने छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया, तब भाई लक्खी शाह बंजारा ने अपने घर को अग्नि के हवाले कर उनका अंतिम संस्कार किया। वहीं बाबा मक्खन शाह लुबाना ने सिख इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बंजारा-लबाना समाज के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1871 के क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट से इस समाज पर लगा कलंक 1952 में समाप्त हुआ, जिसे आज 'विमुक्ति दिवस' के रूप में याद किया जाता है।
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