पटना , सितंबर 09 -- ापू टावर में बुधवार को तीन दिवसीय 'गांधी फिल्म फेस्टिवल' का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार एवं अन्य अतिथियों के द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके बाद बापू टावर की ओर से मंचासीन अतिथियों को पुष्पगुच्छ, मेमेंटो, शॉल एवं पुस्तक भेंट कर उनका स्वागत किया गया।इस अवसर पर प्रथम सत्र में 'गांधी और फिल्म' विषय पर केंद्रित विशेष व्याख्यान का भी आयोजन हुआ। स्वागत भाषण एवं विषय प्रवेश कराते हुए बापू टावर के निदेशक विनय कुमार ने बापू टावर के उद्देश्यों तथा गांधीवादी विचारों को फिल्मों के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाने के महत्व को रेखांकित किया।
मुख्य अतिथि प्रणव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन और उनके संदेशों को आम जनमानस तक पहुँचाने में सिनेमा का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि गांधी जी का प्रभाव फिल्मों पर शुरुआत से ही रहा है। आधुनिक समय में उनके विचारो पर केंद्रित फिल्में बन रही हैं।
इसके बाद आई.सी.सी.आर. पटना की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती स्वधा रिजवी तथा सिने सोसाइटी के अध्यक्ष आर.एन. दास ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं प्रसिद्ध फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम ने "गांधी और फिल्म" विषय पर अपना विस्तृत वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन अपने आप में एक सिनेमाई कैनवास की तरह है, जिसने दुनिया भर के फिल्मकारों को प्रेरित किया है।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे गांधी संग्रहालय के सचिव रजी अहमद ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में गांधीवादी मूल्यों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
गांधी फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन सुबह 11 बजे मशहूर रिचर्ड एटनबरो की ऑस्कर विजेता फिल्म 'गांधी' (1982) दिखाई गई । वहीं दोपहर 3 बजे 'गांधी - 20वीं सदी के पैगंबर' (1940) का प्रदर्शन किया गया।
फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन 10 सितंबर को दो फिल्में दिखाई जाएंगी। सुबह के सत्र में 'महात्मा गांधी टॉक्स' (1931) दिखाई जाएगी। दोपहर के सत्र में 'ए बाउंडलेस आइडिया' (1970) का प्रदर्शन होगा, जो गांधीवादी दर्शन पर आधारित है।
फेस्टिवल के तीसरे और आखिरी दिन 11 सितंबर को तीन फिल्मों का प्रदर्शन रखा गया है। इसमें सुबह 11 बजे 'मैंने गांधी को नहीं मारा' (2005) दिखाई जाएगी, जो आधुनिक संदर्भ में गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर है। इसके बाद 'नोआखली एक्सट्रैक्ट्स' (1946) और 'साउथ इंडिया टूर ऑफ महात्मा गांधी' (1946) जैसी ऐतिहासिक फुटेज वाली फिल्में दिखाई जाएंगी।
कार्यक्रम का मंच संचालन बापू टावर के अवर सचिव अरूण कुमार पाठक द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया जबकि धन्यवाद ज्ञापन बापू टावर के उप निदेशक ललित कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, दर्शक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित