चंडीगढ़ , सितंबर 21 -- पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल :शिअद: (बादल) और बादल परिवार पर अकाली दल तथा सिख संस्थाओं को कथित तौर पर निजी और राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
श्री पन्नू ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़े हालिया विवाद का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि श्री आनंदपुर साहिब की एसजीपीसी संचालित सराय में एक महिला को कथित तौर पर महीनों तक ठहरने की अनुमति कैसे मिली और इस संबंध में एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने क्या कार्रवाई की। उन्होंने पूछा कि महिला को वहां लाने में अकाली दल के नेताओं वीरसा सिंह वल्टोहा और सरबजीत सिंह झिंजर की क्या भूमिका थी तथा उसे टिकट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का उद्देश्य क्या था। श्री पन्नू ने इस मामले में शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और एडवोकेट धामी से भी स्पष्टीकरण मांगा।
श्री पन्नू ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने 20 सितंबर को श्री चावला और अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी मलकीत सिंह को खालसा पंथ से निष्कासित किया है। यह कार्रवाई चावला के खिलाफ दर्ज मामले और महिला द्वारा लगाये गये आरोपों के बाद हुई।
आप नेता ने 2015 के बेअदबी मामलों तथा कोटकपूरा और बहबल कलां गोलीकांड का उल्लेखकरते हुए तत्कालीन अकाली दल सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाये। उन्होंने आरोप लगाया कि बादल परिवार ने लंबे समय से सिख संस्थाओं पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया और उनका राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया।
श्री पन्नू ने एडवोकेट धामी से यह स्पष्ट करने को कहा कि वह बादल परिवार के प्रति राजनीतिक निष्ठा निभा रहे हैं या सिख संस्थाओं की जिम्मेदारी के अनुसार काम कर रहे हैं। उन्होंने अकाली दल नेताओं की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाया और सिख बुद्धिजीवियों तथा समुदाय से इन मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने की अपील की।
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