नयी दिल्ली , अगस्त 01 -- केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ से प्रभावित राज्यों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) के केन्द्रीय हिस्से से 2,117.85 करोड़ की अग्रिम सहायता जारी करने को मंजूरी प्रदान की है।
गृह मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि केन्द्र सरकार बाढ़ प्रभावित राज्यों को राहत, बचाव तथा पुनर्वास कार्यों के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और स्थिति की निरंतर निगरानी कर रही है। मानसून के दौरान केन्द्र सरकार राज्यों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर स्थिति की निगरानी कर रही है। आवश्यकतानुसार राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों की पूर्व-तैनाती तथा रक्षा मंत्रालय द्वारा आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
नुकसान के आकलन के लिए अरुणाचल प्रदेश और असम में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल भेजे जा चुके हैं। असम में बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए यह दल दो बार भेजा गया है और नागालैंड सरकार के अनुरोध पर वहां के लिए भी इसी तरह के दल का गठन किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित सात राज्यों में से हिमाचल प्रदेश, ओडिशा तथा नागालैंड को वित्त वर्ष 2026-27 की एसडीआरएफ की पहली किस्त पहले ही जारी की जा चुकी है। राहत कार्यों के लिए संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश और ओडिशा को केंद्रीय हिस्से की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, अरुणाचल प्रदेश, असम, गुजरात तथा महाराष्ट्र को लागू दिशा-निर्देशों के अंतर्गत दस्तावेजी औपचारिकताओं में छूट देते हुए एसडीआरएफ की पहली किस्त की उपयुक्त अग्रिम राशि जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
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