चंडीगढ़ , जून 23 -- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी की अध्यक्षता में सिविल सचिवालय में विभागीय उच्चाधिकार प्राप्त खरीद समिति (डीएचपीपीसी) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगामी मानसून को देखते हुए प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की गयी। बैठक शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा भी बैठक में विशेष रूप से मौजूद रहे।

बैठक के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पाइपों और हाई-पावर जल पंपों की खरीद से संबंधित सभी 16 एजेंडों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गयी। इन उपकरणों और सामग्रियों की खरीद पर सरकार 30 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी।

सुश्री चौधरी ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के संवेदनशील और निचले इलाकों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा बाढ़ जैसी स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ नियंत्रण से संबंधित सभी सामग्रियों की आपूर्ति समय पर सुनिश्चित की जाये और आपूर्तिकर्ता निर्धारित समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करें।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून पूर्व तैयारियों में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कृषि भूमि को जलमग्न होने से बचाना है।

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने विभाग की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह त्वरित निर्णय जमीनी स्तर पर बाढ़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैठक में विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों की जानकारी भी दी।

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