पटना , सिंतबर 24 -- ाज्य में बाढ़ की त्रासदी से प्रभावित इलाकों में अब लोगों के स्वास्थ की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह संजीदा है, जिसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के स्तर से व्यापक अभियान शुरू किया गया है। विभाग ने राज्यभर में 01 हजार 758 चिकित्सा शिविरों को स्थापित किया है। 343 मोबाइल टीमों की मदद से अब तक दो लाख 92 हजार 584 मरीजों का ओपीडी में इलाज कराया जा चुका है। बल्कि, एक लाख 29 हजार 214 लोगों के बीच ऐतिहातन हैलोजन टैबलेट का भी वितरण किया गया है।
अलग-अलग नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि की वजह से इस वर्ष राज्य के 15 जिलों के 1687 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए। बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे लाखों लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा और संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई एहतियाती कदम उठा रखें हैं। इसमें मुख्य रूप से राज्य के अलग-अलग जिलों में कुल 47 बोट एंबुलेंस की प्रतिनियुक्ति की गई है, जिससे मेडिकल टीम बाढ़ प्रभावित गांवों में एक-एक घर पहुंच सके और लोगों का मुफ्त स्वास्थ्य जांच, परामर्श और दवाओं का वितरण किया जा सके। इसी क्रम में विभाग ने संक्रमण से बचाव के लिए प्रभावित जिलों के दो हजार 323 गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी करवाया है।
दूसरी ओर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, गंभीर रूप से बीमार और गैर-संचारी रोगों से पीड़ित मरीजों की सूची तैयार करने, इन मरीजों को प्राथमिक उपचार और दवा का लाभ देने, सुरक्षित प्रसव और रेफरल केस को अस्पताल पहुंचाने, डायरिया या दूसरे संक्रमण की स्थिति पर पैनी नजर रखने आदि कार्यों के लिए विभाग ने आशा, आशा फैसिलेटर और एएनएम की कुल 536 टीमें लगा रखी हैं, जिससे लोगों को त्वरित स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
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