बेगूसराय , जून 15 -- संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सहकारिता मंत्री सह बेगूसराय के प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने सोमवार को जिला स्तरीय आपदा पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। श्री यादव ने बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए ।

बैठक में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2025 में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से जिले के आठ अंचल प्रभावित हुए थे, जिससे लगभग 3.46 लाख लोग और 31 हजार से अधिक पशु प्रभावित हुए थे। प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए नाव परिचालन, सामुदायिक रसोई, स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए गए थे। साथ ही 89,741 प्रभावित परिवारों को सात हजार रुपये प्रति परिवार की दर से कुल 62.81 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई थी।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी 20 तटबंध सुरक्षित हैं तथा संवेदनशील स्थलों पर अभियंताओं की तैनाती की गई है। कटाव निरोधी कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जा रहे हैं और शेष कार्य 30 जून तक पूरे कर लिए जाएंगे। विभागीय भंडार में जियो बैग, ईसी बैग और वायर क्रेट्स जैसी आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिले की सभी 217 पंचायतों में स्वचालित वर्षामापी यंत्र कार्यरत हैं और गंगा तथा बूढ़ी गंडक नदी से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।

जिलाधिकारी ने बताया कि राहत एवं पुनर्वास की तैयारियों के तहत जिले में 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 बाढ़ राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 18 हेलीपैड स्थलों की भी पहचान की गई है।बचाव कार्यों के लिए 245 नावों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 92 प्रशिक्षित गोताखोरों और 100 खोज एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 60 चिकित्सा दलों का गठन किया है तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश निरोधी दवाएं, ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट और अन्य आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण किया गया है।

पशुपालन विभाग ने पशुओं के उपचार, टीकाकरण और चारा आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की है। वहीं शुद्ध पेयजल और बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए भी विशेष तैयारियां की गई हैं। जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री रामकृपाल यादव ने अधिकारियों को तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने, महाजाल और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चौबीसों घंटे चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध रखने का निर्देश दिए । उन्होंने नाव संचालन में विशेष सतर्कता बरतने और क्षमता से अधिक लोगों को नाव पर नहीं बैठाने की भी हिदायत दी।

बैठक में संभावित सुखाड़ की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कृषि विभाग ने आकस्मिक फसल योजना तैयार कर किसानों के लिए वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है, जबकि बंद पड़े राजकीय नलकूपों को भी शीघ्र चालू करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

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