लखनऊ , अक्टूबर 07 -- उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत प्रदेश के नगरीय निकायों में अब तक करीब 950 पिंक टॉयलेट बनाए जा चुके हैं, जबकि 189 नगरीय निकायों में 275 नए पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण की प्रक्रिया प्रगति पर है। इन ब्लॉक्स में कुल 1,100 सीटें होंगी।
नगर विकास विभाग के मुताबिक, वर्ष 2025 में प्रदेश के नगरीय निकायों में पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण के लिए आवंटन किया गया था। इन्हें महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बाजारों, प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विकसित किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराना शहरी स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसी के मद्देनजर नगरीय निकायों को जेंडर अनुकूल स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार के साथ मौजूदा परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव और उन्हें लगातार उपयोग योग्य बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के अनुसार, पिंक टॉयलेट्स के विस्तार से महिलाओं और बालिकाओं को सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में महिला केंद्रित सार्वजनिक सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा।
नगर विकास विभाग के सचिव अनुज कुमार झा ने कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवश्यकता के अनुसार पिंक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन नगरीय निकायों में इनकी जरूरत होगी, वहां मांग के अनुरूप पिंक शौचालय उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है।
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