बालोतरा , सितंबर 27 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने बाजरा को केवल एक फसल नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा है कि बालोतरा जिले के गुड़ामालानी में क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान केंद्र की स्थापना से पश्चिमी राजस्थान की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बाजरा उत्पादन, नयी कृषि तकनीकों और उन्नत किस्मों पर अनुसंधान को गति मिलेगी तथा इसका सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा।

श्री चौधरी रविवार को गुड़ामालानी में भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान केंद्र के प्रशासनिक एवं प्रयोगशाला भवन के उद्घाटन के अवसर पर बाजरा किसान संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका विश्वास है कि यह अनुसंधान केंद्र क्षेत्र के किसानों के लिए उत्पादकता बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के श्री अन्न को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय एवं कृषि को अधिक समृद्ध बनाने के संकल्प को धरातल पर मजबूत करने की दिशा में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान की जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों में बाजरा एक महत्वपूर्ण फसल है। ऐसे में अनुसंधान, तकनीक, बेहतर बीज और वैज्ञानिक मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को अधिक उत्पादन एवं बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर काम कियाजाना आवश्यक है।

श्री चौधरी ने कृषि वैज्ञानिकों और किसानों से गोवंश आधारित खेती को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि गाय भारतीय संस्कृति में पूजनीय होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार है। गाय का दूध, दही और घी हमारे लिए उपयोगी हैं। यदि गोवंश को अर्थव्यवस्था और कृषि से जोड़कर उसका बेहतर उपयोग किया जाए तो पशुपालन और खेती दोनों को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने किसानों से कृषि के साथ पशुपालन को भी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में अपनाने का आग्रह किया।

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