बागेश्वर , जून 06 -- उत्तराखण्ड पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेश के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने बागेश्वर के असों से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य कुन्दन राम को सदस्य पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। मुख्य विकास अधिकारी एवं विहित प्राधिकारी आर.सी. तिवारी ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किया।
यह मामला विभिन्न शिकायतों के बाद सामने आया था, जिनमें आरोप लगाया गया था कि कुन्दन राम ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान अपनी तीसरी जीवित जैविक संतान की जानकारी छिपाई थी। मामले की जांच निदेशक पंचायती राज के निर्देश पर की गई।
जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति ने महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पोषण ट्रैकर एप, टीकाकरण रजिस्टर, टेक होम राशन (टीएचआर) अभिलेख, गोदनामा दस्तावेज सहित अन्य रिकॉर्ड का परीक्षण किया। जांच में यह पाया गया कि कुन्दन राम की तीन जीवित जैविक संतानें हैं।
रिपोर्ट के अनुसार छह सितंबर 2025 को पंजीकृत गोदनामे में भी स्वयं कुन्दन राम ने तीन जीवित जैविक संतानें होने का उल्लेख किया था। वहीं स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण विभाग के अभिलेखों में भी तीसरी संतान के जन्म और उसके पोषण संबंधी रिकॉर्ड दर्ज पाए गए। जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत होकर कुन्दन राम ने भी लिखित रूप से तीसरी संतान के जन्म की पुष्टि की।
मुख्य विकास अधिकारी ने उत्तराखण्ड पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेश-2025 की धारा 90(1)(द) का हवाला देते हुए जिला पंचायत सदस्य को अयोग्य घोषित कर दिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित