बागेश्वर/नैनीताल , मार्च 17 -- आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बागेश्वर और नैनीताल जिले में मंगलवार को व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल (आपदा पूर्वाभ्यास) आयोजित की गई।

इस दौरान राहत एवं बचाव तंत्र की तैयारियों को परखा गया। बागेश्वर जिले में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, यूपीसीएल, रेडक्रॉस और एनसीसी कैडेट्स ने संयुक्त रूप से कई स्थानों पर अभ्यास किया।

जिला मुख्यालय में भूकंप से भवन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति, गरुड़ के जखेड़ा में भूस्खलन, कांडा पॉलिटेक्निक में आग लगने और गुलदार के हमले तथा कपकोट में तेज भूकंप जैसे परिदृश्यों पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग करते हुए विभिन्न स्थलों पर तैनात अधिकारियों से संवाद किया और कमियों को चिन्हित कर सुधार के निर्देश दिए। घायलों को त्वरित उपचार देकर अस्पताल भेजा गया, वहीं फंसे लोगों और मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

इसी प्रकार नैनीताल जिले में नैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी, कैंचीधाम और खनस्यू तहसीलों में एक साथ वृहद मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

इस दौरान भूस्खलन, जंगली जानवरों का हमला, कैंचीधाम में भगदड़, बोट हाउस क्लब में नाव पलटना, बस दुर्घटना और हल्द्वानी में फ्लैश फ्लड जैसे छह अलग-अलग परिदृश्यों पर राहत एवं बचाव कार्य किए गए।

बोट हाउस क्लब में नाव पलटने की घटना में पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया जबकि कालाढूंगी में बाघ के हमले के बाद सर्च ऑपरेशन चलाकर घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। कैंचीधाम में भगदड़ और ओखलकांडा क्षेत्र में बस खाई में गिरने की स्थिति में सभी घायलों को रेस्क्यू कर उपचार दिया गया।

अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी घटनाओं की मॉनिटरिंग कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

दोनों जिलों में माक ड्रिल के माध्यम से विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन किया गया।

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