पटना , फरवरी 06 -- बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार बागवानी, उच्च मूल्य वाली खेती, आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ बाजार व्यवस्था को कृषि विकास का मुख्य आधार बना रही है।
कृषि मंत्री श्री यादव ने आज गांधी मैदान, पटना में तीन दिवसीय (06-08 फरवरी, 2026) बागवानी महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री यादव ने कहा कि बिहार की असली ताकत खेतों में पसीना बहाने वाले हमारे किसान भाई-बहन हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है कि यदि किसान मजबूत होंगे, तभी बिहार मजबूत बनेगा। इसी सोच के साथ राज्य सरकार बागवानी, उच्च मूल्य वाली खेती, आधुनिक तकनीक और सुदृढ़ बाजार व्यवस्था को कृषि विकास का मुख्य आधार बना रही है।
श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक स्पष्ट और दूरदर्शी सपना है "हर भारतीय की थाली में बिहार का कम-से-कम एक व्यंजन हो।" उन्होंने कहा कि यह केवल भावनात्मक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि बिहार के लिए एक सशक्त आर्थिक क्रांति का विज़न है। जब बिहार का लिट्टी-चोखा, मखाना, फल-सब्ज़ियाँ और अन्य कृषि उत्पाद देश की हर थाली तक पहुंचेंगे, तब किसानों की आय बढ़ेगी, राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और बिहार की विशिष्ट पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी।यह संकल्प प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'लोकल टू ग्लोबल' विज़न से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार और किसानों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। बिहार सरकार इसी दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
कृ़षि मंत्री ने कहा कि विभाग की रणनीति स्पष्ट है। हर जिले की एक विशिष्ट फसल होगी, उसी के आधार पर क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होंगी और उत्पादों को सशक्त बाजार व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मॉडल खेती को रोजगार, उद्योग और निर्यात से जोड़ते हुए किसानों के लिए स्थायी समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा।आज बिहार की खेती एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। यह केवल बदलावनहीं, बल्कि कृषि का नवजागरण है, जहाँ किसान अब उत्पादक के साथ-साथ उद्यमी और निर्यातक भी बन रहा है।
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