बागपत , अक्टूबर 12 -- उत्तर प्रदेश में बागपत के कस्बा खेकड़ा के मुख्य बाजार के भीषण अग्निकांड ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। अपनी पत्नी और मासूम बेटी को बचाने के लिए आग में कूदने वाले व्यापारी अंकुर जैन ने साेमवार तड़के करीब तीन बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। वे कई दिनों से वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, कस्बे के मुख्य बाजार में शॉर्ट सर्किट के बाद सिलेंडर फटने से भीषण आग भड़क गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंकुर जैन ने अपनी जान की परवाह न करते हुए जलती लपटों में छलांग लगा दी। वे जीने पर लगे लोहे के सेफ्टी जाल तक पहुंचकर पत्नी स्वाति जैन और छह वर्षीय बेटी अनन्या को बाहर निकालना चाहते थे। इसी प्रयास में वे 70 प्रतिशत तक झुलस गए और फेफड़ों में जहरीला धुआं भर गया।
सफदरजंग अस्पताल के आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीस घंटे उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस हादसे में पत्नी स्वाति और बेटी अनन्या की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब अंकुर के निधन से एक ही परिवार के तीन सदस्य काल के गाल में समा गए। पीछे घर में सिर्फ बुजुर्ग माता-पिता पुष्पा जैन, विनय जैन और एक छोटा बेटा बचा है। जवान बेटे, बहू और पोती की चिताओं का बोझ बुजुर्ग कंधों पर टूट पड़ा है।
अंकुर के निधन की खबर से पूरे खेकड़ा में शोक की लहर है। संवेदना में आज पूरा बाजार बंद रहा। व्यापारियों ने कहा कि परिवार के लिए अपनी जान दांव पर लगाने वाले इस पिता की बहादुरी को कस्बा हमेशा याद रखेगा। लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और बाजार में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
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