राजसमंद , जून 25 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने गुरुवार को कहा कि ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के विश्व प्रसिद्ध कुंभलगढ़ दुर्ग के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अधिकाधिक प्रयास करने के साथ ही राज्य की दुर्ग संस्कृति से जुड़ी महान विरासत से नयी पीढ़ी को जोड़ा जाना चाहिए।

श्री बागडे ने आज कुम्भलगढ़ दुर्ग का अवलोकन किया। वह दुर्ग स्थित महाराणा प्रताप की जन्मस्थली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दुर्ग के विभिन्न भागों का पैदल ही अवलोकन किया और ऐतिहासिक धरोहर की भव्यता एवं स्थापत्य कला की सराहना की।

उन्होंने दुर्ग की विशाल प्राचीर तथा वहां के भव्य महलों, कुंभा के उपासना स्थल शिव मंदिर आदि को विश्व धरोहर के रूप में प्रचारित प्रसारित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कुम्भलगढ़ दुर्ग को अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण एवं संवर्धन को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करता है तथा भावी पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराता है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दुर्ग पर आने वाले देशी एवं विदेशी पर्यटकों के लिए सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिएये।

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