कोटा , जुलाई 30 -- राजस्थान के राज्यपाल किसनराव हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को कोटा के जाखोड़ा स्थित श्रीरामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र का अवलोकन किया और केन्द्र द्वारा जैविक कृषि को बढ़ावा देने एवं कृषकों को प्रशिक्षण देने की दिशा में किए जा रहे कार्योंकी जानकारी ली।
श्री बागडे ने श्रीरामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र में अनुसंधान से जुड़े किसानोंके साथ चर्चा के दौरान कहा कि आज के समय में कृषि भूमि कम हो रही है, ऐसे में आधुनिक कृषि पद्धतियों का उपयोग कर कम भूमि पर अच्छी फसल ली जा सकती है। उन्होंने किसानों को खेती के नये तरीके-शेडनेट, पॉली हाउस आदि के उपयोग से सब्जियां उत्पादित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है। जैविक खाद का उपयोग कर भूमि की उर्वरा शक्ति बनाये रखते हुए फसल एवं अन्न उत्पादित करें, ताकि हमारे शरीर के लिए भी लाभदायक रहे। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में गोबर का उपयोग करना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक एवं जैविक खेती के बारे में जानकारी देने की दिशा में श्रीरामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। श्री बागडे ने अनुसंधान केन्द्र के हर्बल गार्डन, वेजिटेबल ब्लॉक, सरल कम्पोस्टिंग यूनिट, प्रोसेसिंग यूनिट, माइक्रो बायोलॉजी लैब, कीट विज्ञान प्रयोगशाला एवं गौशाला का अवलोकन किया।
उन्होंने गौशाला में गायों को हरा चारा खिलाया और संस्थान परिसर में बेलपत्र का पौधा भी लगाया। गोयल समूह के ताराचंद गोयल ने बूंद-बूंद पानी के उपयोग तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के संबंध में किसानों को श्रीरामशान्ताय केन्द्र द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी।
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