भरतपुर , जुलाई 17 -- राजस्थान के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरिभाऊ किसनराव बागडे ने शिक्षा को किसीभी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया हैं।

श्री बागडे शुक्रवार को श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर की अधीनस्थ इकाई कृषि महाविद्यालय भुसावर में नवनिर्मित प्रशासनिक एवं अकादमिक भवन, छात्रावास, कन्या छात्रावास एवं कैंटीन का भव्य लोकार्पण किया और इस अवसर पर यह आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक भवन तभी सार्थक होंगे, जब यहां से निकलने वाले विद्यार्थी ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से समाज और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लायेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, सहनशीलता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने तथा रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने वाला बनने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय किसानों के भविष्य को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कृषि शिक्षा से प्राप्त वैज्ञानिक जानकारी को गांव-गांव तक पहुंचाने पर बल देते हुए कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने स्टार्टअप, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया।

श्री बागडे कहा कि नयी शैक्षणिक सुविधाओं से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर वातावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि भवन और अन्य संसाधन केवल भौतिक सुविधाएं हैं, वास्तविक महत्व इस बात का है कि विद्यार्थी यहां से कितना ज्ञान अर्जित करते हैं। यही ज्ञान उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्धारण करेगा।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से सहनशीलता, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनमें सैनिक जैसी सहनशीलता एवं धैर्य होना चाहिए। उन्होंने वीरता और संघर्ष का उदाहरण देते हुए महाराणा सांगा के 80 घावों का उल्लेख कियातथा कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प ही सफलता की कुंजी है।

उन्होंने कहा कि जिस समाज में शिक्षा का प्रकाश अधिक होता है, वहां विकास, समृद्धि, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक समानता एवं सांस्कृतिक चेतना का स्वाभाविक रूप से विस्तार होता है। शिक्षक केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, विचारों और जीवन-दृष्टि का भी निर्माण करते हैं।

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