बांदा , जून 6 -- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी कस्बे में स्थित एक प्राचीन मंदिर में स्थापित मां काली की अष्टभुजा प्रतिमा को अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
पुलिस क्षेत्राधिकारी नरैनी प्रवीण कुमार ने बताया कि देवीनगर मोहल्ले स्थित प्राचीन कारून देवी मंदिर में स्थापित मां काली की अष्टभुजा प्रतिमा की दोनों आंखें, हाथ तथा माथा क्षतिग्रस्त पाए गए। सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रकरण की गहन जांच जारी है और अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त हो गया। लोगों ने पुलिस से मामले का शीघ्र खुलासा करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष फरवरी माह में भी बरुआ पहाड़ के नीचे स्थित एक मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना सामने आई थी। नरैनी क्षेत्र में धार्मिक प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की यह दूसरी घटना है।
भगवती आश्रम संस्कृत विद्यालय के प्रबंधक सुंदरलाल त्रिपाठी ने कहा कि बार-बार धार्मिक स्थलों और मूर्तियों को निशाना बनाकर लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर विचार-विमर्श और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए रविवार शाम पांच बजे देवी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की एक बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
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