बांदा , अगस्त 22 -- उत्तर प्रदेश की बांदा मंडल कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदी की उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले की मजिस्ट्रीयल जांच शुरू हो गई है। गौरतलब है कि पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरेी गांव निवासी 53 वर्षीय रामबाबू सिंह गौर उर्फ डॉक्टर 17 दिसंबर वर्ष 2025 से जेल में निरुद्ध था। उस पर फर्जी जमानत लेने सहित तीन मुकदमो के वारंट थे। तीनों मुकदमे अदालत में विचाराधीन थे। बंदी रामबाबू की अचानक जेल में तबीयत खराब होने से उसे तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल भेजा गया था। जहां उपचार के दौरान 14 जुलाई वर्ष 2026 को उसकी मृत्यु हो गई थी।
जिला मजिस्ट्रेट ने इस मामले में मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट संदीप अकेला को जांच अधिकारी नामित किया था।
नगर मजिस्ट्रेट संदीप अकेला द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस मजिस्ट्रीएल जांच के संबंध में कोई भी व्यक्ति लिखित या मौखिक साक्ष्य देना चाहते हो तो वह 23 अगस्त 2026 को नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कर सकते हैं और साक्ष्य भी उपलब्ध करा सकते हैं।
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