मथुरा , मई 25 -- वृंदावन स्थित ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित जनसुविधा विकास परियोजना को सोमवार को नई गति मिली। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा की उपस्थिति में तीन और भू-संपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।

प्रशासन के अनुसार श्री सुशील कजारिया द्वारा 83 वर्ग मीटर, श्री नारायण दास कजारिया द्वारा 111 वर्ग मीटर तथा श्री कमल चौधरी द्वारा 250.30 वर्ग मीटर भूमि की रजिस्ट्री तहसीलदार सदर के माध्यम से सीधे "ठाकुर श्री बांके बिहारी जी (देवता)" के नाम कराई गई। इस प्रकार सोमवार को कुल 444.30 वर्ग मीटर भूमि मंदिर के नाम दर्ज हुई।

अब तक परियोजना के तहत कुल 17 बैनामे संपन्न हो चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग 1831.12 वर्ग मीटर भूमि मंदिर के नाम दर्ज कराई जा चुकी है।

जिला प्रशासन ने बताया कि यह कार्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के निर्देशों के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के लिए विशेष पुनर्वास एवं मुआवजा नीति लागू की गई है। प्रशासन के अनुसार निवासियों को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि व्यापारियों को दुकान के बदले दुकान आवंटित की जा रही है। इसके अतिरिक्त मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) द्वारा सुनरख और रुक्मिणी विहार क्षेत्र में फ्लैट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि पारदर्शी प्रक्रिया और पुनर्वास सुविधाओं के कारण स्थानीय भू-स्वामी स्वेच्छा से आगे आ रहे हैं।

परियोजना का उद्देश्य बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण तैयार करना है। अधिग्रहित भूमि पर बैठने की व्यवस्था, पेयजल, सुगम प्रवेश और निकासी मार्ग सहित विभिन्न जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे संकरी गलियों में भीड़ का दबाव कम हो सके। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना से ब्रज क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित