, April 11 -- मास्को, 11 अप्रैल (स्पुतनिक/वार्ता) रूसी विदेश मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय संगठन विभाग के निदेशक किरिल लोगविनोव ने कहा कि रूस और चीन ऐसी किसी पहल का समर्थन नहीं कर सकते थे जिससे फारस की खाड़ी में रक्तपात को समाप्त करने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न होती। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के संबंध में बहरीन के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मतदान पर टिप्पणी की।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को रूस और चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के मसौदे को वीटो किया। संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने कहा कि रूस ऐसे किसी मसौदे का समर्थन नहीं कर सकता जो अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता।
श्री लोग्विनोव ने कहा, "हम ऐसी किसी पहल का समर्थन नहीं कर सकते जो फारस की खाड़ी में रक्तपात को शीघ्र समाप्त करने और संघर्ष का राजनीतिक एवं राजनयिक समाधान खोजने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न करे।"उन्होंने इस बात पर बल दिया कि बहरीन के प्रस्ताव में अरब देशों पर हमलों की निंदा की गई और उन्हें रोकने का आह्वान किया गया, जो उनके विचार में केवल यह दर्शाता है कि सुरक्षा परिषद के अधिकांश सदस्य इन देशों को अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए "अकारण आक्रमण" मानते हैं।
श्री लोग्विनोव ने यह भी कहा कि दस्तावेज़ में असंतुलित जानकारी थी। उन्होंने कहा कि यह ईरान से संबंधित घटनाओं की पूरी तस्वीर सामने रखन में विफल रहा, विशेष रूप से ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध के असली उकसावे की पहचान करने में।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने तेहरान समेत ईरान में ठिकानों पर हमला शुरू कया। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करना शुरू किया। इस बढ़ते संघर्ष के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाला जहाजरानी मार्ग लगभग ठप हो गया, जो वैश्विक बाजारों में तेल और एलएनजी की आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
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