बहराइच , मई 21 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत बरखड़िया बीट के तेलियनपुरवा गांव में बृहस्पतिवार सुबह एक तेंदुए के अचानक आबादी क्षेत्र में पहुंच जाने से अफरा-तफरी मच गई। तेंदुए ने गन्ने के खेत के पास बैठे एक मासूम बच्चे पर हमला कर उसे खींचकर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन मां की बहादुरी और ग्रामीणों की तत्परता से बच्चे की जान बच गई। घटना में महिला समेत तीन लोग घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार तेलियनपुरवा गांव निवासी मीना (32) पत्नी हीरालाल अपने पांच वर्षीय पुत्र मोहित के साथ सुबह गन्ने के खेत के पास सड़क किनारे बैठी थी। इसी दौरान गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने अचानक बच्चे पर हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबाकर खेत की ओर खींचने लगा। बेटे को तेंदुए के कब्जे में देख मां मीना ने साहस का परिचय देते हुए बिना अपनी जान की परवाह किए तेंदुए से भिड़ गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला करीब दस मिनट तक तेंदुए से संघर्ष करती रही। इस दौरान उसने बच्चे को छुड़ाने के लिए तेंदुए को पकड़ लिया और लगातार शोर मचाती रही। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ और शोरगुल बढ़ता देख तेंदुआ बच्चे को छोड़कर गन्ने के खेत की ओर भाग गया।

भागने के दौरान तेंदुए ने गांव निवासी उमेश (26) पुत्र बिंद्रा पर भी हमला कर दिया। हमले में उमेश के सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं। वहीं महिला मीना के हाथ, पैर और पीठ पर गहरे जख्म बताए जा रहे हैं। बच्चे मोहित को भी खरोंचें आई हैं।घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है। सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया।

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