बहराइच , फरवरी 17 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में निःशुल्क वितरित की जाने वाली पाठ्यपुस्तकों के कथित रूप से कबाड़ की दुकान पर पाए जाने का मामला सामने आया है। यह प्रकरण थाना रामगांव क्षेत्र के मेटकहा मोड़ स्थित एक कबाड़ी की दुकान से जुड़ा बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेटकहा मोड़ पर दिलशाद नामक कबाड़ी की दुकान पर बड़ी मात्रा में परिषदीय विद्यालयों की पुस्तकें रद्दी के भाव बेचे जाने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये पुस्तकें सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क वितरण के लिए भेजी जाती हैं। आरोप है कि पुस्तकों को वाहन संख्या यूपी-21 एफटी 8485 ट्रॉली के माध्यम से जिले से बाहर भेजे जाने की तैयारी थी।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में पुस्तकों के सरकारी वितरण से संबंधित होने की पुष्टि होती है, तो यह शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही या मिलीभगत का मामला हो सकता है।
इस संबंध में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि बरामद पुस्तकों और संबंधित वाहन की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग से प्रारंभिक जानकारी ली गई है, जिसमें विभागीय स्टॉक पूर्ण बताया गया है। हालांकि पूरे प्रकरण की सख्ती से जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा सके। इसके अतिरिक्त बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान भी संचालित है। यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि सरकारी वितरण की पुस्तकें अवैध रूप से कबाड़ में बेची जा रही थीं, तो यह न केवल सरकारी योजनाओं की मंशा के विपरीत होगा, बल्कि जरूरतमंद विद्यार्थियों के शैक्षिक अधिकारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। प्रशासनिक जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।
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