बहराइच , अगस्त 13 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए राहत एवं बचाव की तैयारियों को तेज कर दिया है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात विभाग तथा जनपद के प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बुधवार को वर्चुअल बैठक के माध्यम से जिले की सभी तहसीलों में बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव के लिए फुलप्रूफ व्यवस्था पहले से सुनिश्चित रहे, ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। एनआईसी के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष से हुई बैठक में सांसद बहराइच डॉ. आनंद कुमार गोंड़, एमएलसी पदमसेन चौधरी, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, नानपारा विधायक राम निवास वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय, जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव और अपर जिलाधिकारी अमित कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री ने विशेष रूप से बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों के उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियों से राहत और बचाव की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आपदा के समय व्यवस्था बनाने के बजाय पहले से तैयारी और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को संभावित खतरे के प्रति जागरूक किया जाए। शासन-प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों और सुझावों का पालन करने तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को बिना देरी किए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखी जाए।

प्रभारी मंत्री ने तहसील प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी ग्राम प्रधानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों के मोबाइल नंबरों की सूची तैयार रखी जाए। साथ ही व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर त्वरित सूचना तंत्र विकसित किया जाए, ताकि बाढ़ या किसी अन्य आपदा की स्थिति में सूचना तत्काल गांव-गांव तक पहुंचाई जा सके।

उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार बिना देरी के राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

प्रभारी मंत्री ने आपदा एवं राहत से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार नाव, मोटरबोट, राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, खाद्यान्न और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति में केवल लोगों की ही नहीं, बल्कि पशुओं की सुरक्षा और चारा-पानी की व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

प्रभारी मंत्री ने बाढ़ राहत केंद्रों और बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां प्रकाश व्यवस्था, प्रसाधन और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने को कहा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित तरीके से आश्रय दिया जा सके।

उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराने और आवश्यकता के अनुसार उनका सहयोग लेने की बात कही।

कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने पुलिस क्षेत्राधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करने और छोटी से छोटी शिकायत को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। विशेष रूप से भूमि विवादों में सतर्कता बरतने तथा मौके पर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि विवाद बढ़ने से पहले ही उसका समाधान हो सके और आमजन को अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े।

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