बहराइच , मार्च 24 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद स्थित सहायक निदेशक रेशम कार्यालय परिसर में मंगलवार को मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के तहत राज्य स्तरीय रेशम कृषि मेला एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान ने दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर किया।
इस अवसर पर प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक राम निवास वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पाण्डेय तथा विधायक अनुपमा जायसवाल के प्रतिनिधि सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री सचान ने मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इनमें रेशम, कृषि, उद्यान, गन्ना, मत्स्य, पशुपालन, दुग्ध विकास, भूमि संरक्षण, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा एफपीओ के स्टॉल शामिल थे। साथ ही रेशम धागाकरण मशीन, चरखा और लूम का भी निरीक्षण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने विभिन्न जनपदों से आए लगभग 1100 किसानों से अपील की कि वे समूहों और समितियों के माध्यम से रेशम कीट पालन अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के तहत वृक्षारोपण, कीट पालन गृह निर्माण, उपकरण और प्रशिक्षण पर कुल लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
कार्यशाला में केन्द्रीय रेशम बोर्ड के वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने रेशम उत्पादन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने किसानों को कीट पालन, रोग प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक निदेशक रेशम मिथलेश कुमार सिंह ने सभी अतिथियों और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा "रेशम मित्र पोर्टल" के माध्यम से योजनाओं का लाभ लेने की सलाह दी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित