बहराइच , जुलाई 31 -- उत्तर प्रदेश सरकार की मखाना विकास योजना के तहत किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती से जोड़ने की दिशा में बहराइच में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को शुभारम्भ हुआ। कृषि विज्ञान केन्द्र, बहराइच में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को मखाना उत्पादन की नवीन तकनीकों से अवगत कराकर उनकी आय में वृद्धि करना तथा स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। जिला उद्यान विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामान्य तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को मखाना की वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक (शस्य विज्ञान) डॉ. शैलेन्द्र सिंह तथा वैज्ञानिक (मृदा विज्ञान) डॉ. नन्दन सिंह ने किसानों को उन्नत उत्पादन तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौध एवं बीज प्रबंधन, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई, प्रसंस्करण तथा विपणन की आधुनिक विधियों पर विस्तार से जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने किसानों से कहा कि यदि वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन किया जाए और बाजार की मांग के अनुरूप खेती की जाए तो मखाना एक लाभकारी नकदी फसल के रूप में किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान मखाना उत्पादन के माध्यम से स्वरोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी, उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा, वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक ओम प्रकाश त्रिपाठी, पंकज वर्मा तथा योजना प्रभारी ने भी किसानों से संवाद करते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, विपणन व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि मखाना विकास योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी, पासपोर्ट आकार के फोटो तथा मोबाइल नंबर के साथ उद्यान विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित अभिलेख कार्यालय में जमा करने होंगे। उन्होंने बताया कि किसानों का चयन "प्रथम आवक-प्रथम पावक" के आधार पर किया जाएगा।

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