बहराइच , अक्टूबर 12 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में तेंदुए के हमले में सात वर्षीय बालक की मौत हो गई। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मंझरा गांव में सोमवार देर शाम हुई इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई, जबकि बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा रेंज की नौबना बीट के अंतर्गत मंझरा गांव के बढ़इया चौराहा निवासी रमेश का सात वर्षीय बेटा रोहित सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे घर के पास खेत की ओर शौच के लिए गया था। इसी दौरान पास के गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया।
बच्चे की चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों को आता देख तेंदुआ गन्ने के खेत में घुस गया। ग्रामीणों को रोहित गंभीर हालत में मिला। परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर मुर्तिहा कोतवाली पुलिस और वन विभाग की टीम गांव पहुंची। मुर्तिहा कोतवाल यतींद्र सिंह ने बालक की तेंदुए के हमले में मौत होने की सूचना मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग को भी घटना से अवगत करा दिया गया है।
वहीं, जिला वन अधिकारी (डीएफओ) अपूर्व दीक्षित ने बताया कि वन विभाग की टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है और वह स्वयं भी गांव पहुंच रहे हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने तथा गांव के पास पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई किए जाने की बात कही।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग का क्षेत्र वन्यजीवों की मौजूदगी के लिहाज से संवेदनशील है। ऐसे इलाकों में आबादी के आसपास स्थित गन्ने के खेतों में वन्यजीवों की मौजूदगी का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। मंझरा गांव की घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्र से सटे गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। तेंदुए की मौजूदगी और हमले की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों में भय का माहौल है। ऐसे में वन विभाग के सामने तेंदुए की निगरानी, उसे पकड़ने और ग्रामीणों को सतर्क करने की चुनौती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित