बहराइच , सितंबर 27 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में शनिवार को आए तेज तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण कई कच्चे मकान, छप्पर और टीन शेड ढह गए, जबकि पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर गिर गए। अलग-अलग हादसों में एक मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई। तूफान से हजारों बीघा केले और धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तूफान के दौरान मकान, दीवार, टीन शेड और छप्पर गिरने से चार लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान फखरपुर की महमूना (15), नानपारा के मिश्रीलाल (45), कैसरगंज की ननकई (52) और महसी के शोभित (6) के रूप में हुई है। अचानक आए तूफान ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।

तेज हवाओं के चलते जिले के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया। बहराइच-सीतापुर, बहराइच-गोंडा, नानपारा और रुपईडीहा जाने वाले मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

जिलाधिकारी राजेश पांडेय और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रशासनिक और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं। देर रात तक सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटवाकर यातायात बहाल कराया गया। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का जायजा लेने के साथ ही राहत कार्य भी जारी रहा।

तूफान का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। तेज हवाओं के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हजारों बीघा केले और धान की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में खड़ी फसलें गिरने और केले के पौधों के क्षतिग्रस्त होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। अजीम मिर्जा की 35 बीघे में लगी केले की फसल बर्बाद होने की बात सामने आई है। प्रशासन की टीमें फसलों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं।

प्रशासन की ओर से तूफान से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। वहीं जिलाधिकारी राजेष कुमार पाण्डेय ने सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 48 घण्टे में नियमानुसार कार्यवाही करते हुए मृतकों के हिताधिकारियों को सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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