बहराइच , सितंबर 14 -- कजरी तीज के पर्व पर सोमवार को बहराइच में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक प्रमुख शिव मंदिरों में भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हाथों में गंगाजल, बेलपत्र और पूजा सामग्री लिए शिवभक्तों के जयकारों से शिवालय गूंजते रहे। पांडवकालीन एवं प्राचीन शिव मंदिरों में दिनभर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा।

पांडवकालीन प्रसिद्ध सिद्धनाथ मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे। भक्तों ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से पूजन किया। जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई।

बूढ़ेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी कजरी तीज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जनपद के अलावा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खैरीघाट प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह ने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

शिवपुर क्षेत्र के प्रमुख शिवालय भी आस्था के केंद्र बने रहे। मसूदनगर वसथनवा के शिवनगर स्थित पांडवकालीन बाबा जंगली नाथ मंदिर और रामपुर धोबियाहार के महादेवा स्थित बाबा बुद्धेश्वर नाथ मंदिर में रविवार रात से ही दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया था। सोमवार सुबह करीब चार बजे मंदिरों के कपाट खुलते ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। हाथों में गंगाजल और पूजा सामग्री लिए शिवभक्त जयकारे लगाते हुए मंदिरों की ओर बढ़ते रहे।

मेला कमेटी के अध्यक्ष अनिल शास्त्री ने बताया कि बाबा जंगली नाथ मंदिर प्राचीन धार्मिक स्थल है और यहां स्थापित शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है। इसी धार्मिक आस्था के कारण कजरी तीज समेत प्रमुख पर्वों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

पयागपुर के पांडवकालीन बागेश्वरनाथ मंदिर में भी कजरी तीज पर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ रही। सुबह से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर रहकर भीड़ को नियंत्रित किया, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक में किसी तरह की परेशानी न हो। मंदिर परिसर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी शिवभक्तों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। सीएचसी अधीक्षक धीरेंद्र तिवारी की अगुवाई में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में श्रद्धालुओं की जांच की गई और जरूरत के अनुसार दवाओं का वितरण किया गया।

आस्था के साथ प्रशासनिक सतर्कता भी दिखी। प्रमुख शिव मंदिरों और मेला क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।

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