बहराइच , अप्रैल 30 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कोतवाली नानपारा क्षेत्र अंतर्गत जगन्नाथपुर गांव में पूर्ति विभाग की छापेमारी के दौरान एक घर से भारी मात्रा में पेट्रोल और डीजल बरामद होने से हड़कंप मच गया। संयुक्त जांच टीम ने ग्रामीण अजय वर्मा के घर से कुल 2630 लीटर पेट्रोल-डीजल बरामद किया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जब्त ईंधन की कीमत ढाई लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। ग्रामीण इलाके के एक आवासीय परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ मिलने के बाद न केवल अवैध भंडारण, बल्कि ईंधन की कालाबाजारी और स्थानीय स्तर पर अवैध बिक्री की आशंका भी गहरा गई है।
मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार गुरुवार दोपहर जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) को मुखबिर से सूचना मिली कि बलहा ब्लॉक के जगन्नाथपुर गांव में एक व्यक्ति ने अपने दो मकानों में बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल का भंडारण कर रखा है। सूचना के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक बलहा साधना श्रीवास्तव और पूर्ति निरीक्षक नवाबगंज अमन कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी में टीम ने गांव पहुंचकर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान अजय वर्मा के घर से 11 ड्रम पेट्रोल और दो ड्रम डीजल बरामद किए गए। इसके अलावा मौके से आधा दर्जन खाली जरीकेन भी मिले, जिससे संकेत मिलता है कि ईंधन को छोटे-छोटे कंटेनरों में भरकर आपूर्ति या बिक्री की जाती रही होगी। पूर्ति विभाग के अनुसार मौके से कुल 2230 लीटर पेट्रोल और 400 लीटर डीजल बरामद हुआ। इस प्रकार कुल 2630 लीटर ज्वलनशील ईंधन का भंडारण पाया गया, जो सामान्य घरेलू अथवा कृषि उपयोग की सीमा से कहीं अधिक है।
ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर यह भी बताया कि आरोपी गांव और आसपास के क्षेत्रों में कथित रूप से 200 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल बेचता था ऐसे में यदि यह आरोप जांच में सही पाया जाता है तो मामला केवल अवैध भंडारण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्र में ईंधन की काला बाजारी, अनधिकृत वितरण और उपभोक्ता शोषण से जुड़ा गंभीर आर्थिक अपराध भी बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से गांव में निजी स्तर पर ईंधन बिक्री की चर्चा थी, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई अब जाकर हुई है।
इस बरामदगी ने स्थानीय पुलिस और निगरानी तंत्र की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में लंबे समय से इस पैमाने पर पेट्रोल और डीजल का अवैध भंडारण तथा बिक्री हो रही थी, तो स्थानीय स्तर पर इसकी भनक संबंधित तंत्र को पहले क्यों नहीं लगी। इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ का आबादी के बीच भंडारण न केवल अवैध है, बल्कि किसी बड़े अग्निकांड का कारण भी बन सकता था।
पूर्ति निरीक्षक अमन कुमार ने बताया कि बरामद ईंधन के संबंध में स्थानीय थाना में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर विधिक कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि बरामद ईंधन किस स्रोत से खरीदा गया, उसका परिवहन कैसे हुआ, क्या यह अधिकृत पेट्रोल पंपों से लिया गया और क्या इसका उपयोग कृषि के नाम पर कर अवैध बिक्री की जा रही थी।
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