रायपुर , अगस्त 29 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रक्षाबंधन के दिन अपनी दिवंगत बहन की अस्थियां विसर्जित करने महादेवघाट पहुंचे युधिष्ठिर सारंग (35) खारुन नदी के तेज बहाव में बहकर लापता हो गए। एसडीआरएफ की टीम ने कल देर शाम तक उनकी तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।

शनिवार सुबह गोताखोरों की मदद से दोबारा तलाश शुरू की गई ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुरा निवासी युधिष्ठिर सारंग की बहन गीतेश्वरी की कुछ दिन पहले मृत्यु हो गई थी। अंतिम संस्कार के बाद शुक्रवार को युधिष्ठिर अपने जीजा और अन्य रिश्तेदारों के साथ उनकी अस्थियां विसर्जित करने महादेवघाट पहुंचे थे। परिवार कल दोपहर करीब 12 बजे एनीकट के पास बने घाट पर पहुंचा था।

अस्थि विसर्जन के लिए युधिष्ठिर अपने जीजा के साथ नदी में उतरे। इस दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगे। युधिष्ठिर के जीजा किसी तरह किनारे तक पहुंचकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, जबकि युधिष्ठिर बहाव के साथ आगे निकल गए और भंवर में फंसकर लापता हो गए।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासन को सूचना दी। परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि सूचना देने के करीब तीन घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बोट के जरिए खारुन नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कांटा और जाल डालकर भी युधिष्ठिर की तलाश की गई, लेकिन अंधेरा होने तक कोई सफलता नहीं मिली।

एनीकट के आसपास पानी का बहाव तेज होने के कारण कई स्थानों पर खतरनाक भंवर बने हुए थे। इसके चलते एसडीआरएफ के जवानों ने भंवर वाले स्थान से कुछ दूरी बनाकर तलाशी अभियान चलाया। गोताखोरों ने आशंका जताई है कि युधिष्ठिर पानी के भीतर भंवर में फंसे हो सकते हैं और घटनास्थल के आसपास ही मौजूद हो सकते हैं।

हादसे के बाद महादेवघाट पर मौजूद लोगों और परिजनों में नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों ने आरोप लगाया कि नदी में नाव चलाने वाले नाविकों ने समय रहते मदद नहीं की। एसडीआरएफ टीम के कथित तौर पर देर से पहुंचने को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने महादेवघाट में नावों का संचालन रोक दिया और नाविकों को घाट से हटा दिया।

रक्षाबंधन के कारण शुक्रवार को महादेवघाट, लक्ष्मण झूला और आसपास के गार्डन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

राजधानी में हुई इस घटना के बाद जल हादसों के दौरान बचाव व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। कुछ दिन पहले मौदहापारा निवासी एक युवक की ब्लू वाटर प्वाइंट में डूबने से मौत हो गई थी। बताया गया था कि युवक अपने दोस्तों के साथ शर्त लगाकर गहरे पानी को पार करने उतरा था। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें कई दिनों तक उसकी तलाश करती रहीं, लेकिन शव नहीं मिल सका था। चौथी रात शव पानी की सतह पर आने के बाद उसे बाहर निकाला गया था। उस घटना के बाद भी रेस्क्यू टीम की क्षमता और उपलब्ध संसाधनों को लेकर नाराजगी सामने आई थी।

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