पटना , जून 16 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बिहार में सरकारी और निजी बसों के किराये में हाल में की गई बढ़ोतरी को जनविरोधी बताते हुए राज्य सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। भाकपा के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा डीजल-पेट्रोल की कीमतों में की गई वृद्धि का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ने लगा है। उन्होंने कहा कि डीजल की कीमत में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, लेकिन सरकारी और निजी बसों के किराये में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिस पर राज्य सरकार मौन बनी हुई है।

श्री पाण्डेय ने कहा कि बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) द्वारा संचालित बसों के किराये में पहले वृद्धि की गई, जिसके बाद निजी बस संचालकों ने भी किराया बढ़ा दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पटना से दरभंगा का किराया 250 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है, जबकि पटना से मधुबनी का किराया 300 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये कर दिया गया है।

श्री पाण्डेय ने कहा कि पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, मोतिहारी, बेतिया, छपरा और सीवान समेत राज्य के विभिन्न शहरों के लिए चलने वाली बसों के किराये में भी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर सेवा बसों के किराये में भी बेतहाशा वृद्धि की गई है।

भाकपा नेता ने बढ़े हुए बस किराये की निंदा करते हुए राज्य सरकार से बढ़े हुए किराये को वापस लेने की मांग की। उन्होंने निजी बस संचालकों की मनमानी पर रोक लगाने की भी अपील की है।

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