सुकमा/बीजापुर , जून 21 -- छत्तीसगढ़ में बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सुरक्षा बलों के जवानों, विद्यार्थियों तथा ग्रामीणों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

सुकमा जिला मुख्यालय स्थित ज्ञानोदय आत्मानंद स्कूल कुम्हाररास में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों और अधिकारियों ने योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षक पंडित रामनारायण मिश्रा के मार्गदर्शन में ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन, अर्धचक्रासन, शवासन तथा विभिन्न प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएं कराई गईं।

इस अवसर पर सांसद कश्यप ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है और इसे नियमित जीवनचर्या का हिस्सा बनाकर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से स्वस्थ समाज निर्माण के लिए योग अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग में संविदा भर्ती के तहत चयनित कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए तथा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम में महिला आयोग सदस्य दीपिका सोरी, नगर पालिका अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम, जिला पंचायत सदस्य कोरसा सन्नू, कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

वहीं बीजापुर जिले के नयापारा स्थित 85वीं बटालियन सीआरपीएफ मुख्यालय और दूरस्थ सुरक्षा शिविरों में भी योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। सुबह सर्वधर्म प्रार्थना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद जवानों ने सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया।

कमांडेंट सुनील कुमार राही ने कहा कि योग शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक मजबूती और तनाव प्रबंधन का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्यरत जवानों के लिए योग विशेष रूप से लाभकारी है।

बटालियन के पेद्दापारा, पुसनार, हिरोली, कांवड़गांव, मुडवेंटी और डुमरीपालनार स्थित कैंपों में तैनात जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया और उन्हें नियमित योग के लाभों की जानकारी दी। कई गांवों में ग्रामीण पहली बार सामूहिक योग कार्यक्रम का हिस्सा बने। जवानों ने ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित किया।

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