जगदलपुर , सितंबर 12 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बस्तर मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू से संक्रमित चार मरीजों का उपचार किया जा रहा है। संक्रमण की आशंका को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मेडिकल कॉलेज में भर्ती चार मरीजों में दो जगदलपुर, एक कोंडागांव और एक ओडिशा का रहने वाला है। सभी संक्रमित मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखकर उपचार किया जा रहा है।

बस्तर की सीमा ओडिशा से लगी होने के कारण दोनों राज्यों के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को देखते हुए संक्रमण की निगरानी आवश्यक है। हालांकि फिलहाल ओडिशा सीमा पर स्वाइन फ्लू की स्क्रीनिंग अथवा जांच के लिए कोई नई व्यवस्था शुरू नहीं की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने आज बस्तर मेडिकल कॉलेज सहित जिले के अस्पतालों को सतर्क रहने और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के लिए आरटी-पीसीआर जांच की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की जा रही है। अस्पतालों को उपचार में इस्तेमाल होने वाली टैमीफ्लू की गोलियां और सिरप भी पर्याप्त मात्रा में रखने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के संक्रमण में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। कुछ मरीजों को उल्टी-दस्त की शिकायत भी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय अस्पताल पहुंचकर जांच कराने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाने, बाहर से लौटने के बाद हाथ साफ करने तथा खांसते और छींकते समय मुंह एवं नाक ढंकने की अपील की है। बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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