जगदलपुर , जुलाई 16 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना ने नेतानार और कामानार ग्राम पंचायतों में संचालित सेवा डेरा का निरीक्षण कर महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों का जायजा लिया तथा स्वरोजगार और आय बढ़ाने के लिए विभिन्न आवश्यक निर्देश दिए।

श्री खन्ना ने आज नेतानार स्थित सीआरपीएफ कैंप परिसर में संचालित सेवा डेरा में सिलाई प्रशिक्षण, ढेकी से चावल निर्माण तथा इमली चपाती निर्माण जैसी गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने महिला समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं के लिए उत्पादन इकाई स्थापित करने की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और नियमित आय के अवसर बढ़ाए जा सकें। इसके साथ ही समूह आधारित उत्पादन, उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया।

इसके बाद उन्होंने कामानार स्थित सेवा डेरा का निरीक्षण कर ग्रामीणों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने सेवा डेरा की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।

निरीक्षण के दौरान महिला समूहों ने इमली प्रसंस्करण इकाई और महुआ लड्डू प्रसंस्करण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव सौंपा। महिलाओं का कहना था कि इन इकाइयों की स्थापना से स्थानीय वन उत्पादों का बेहतर उपयोग होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा समूहों की आय में वृद्धि होगी। इस पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति जताते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

भ्रमण के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीरेंद्र बहादुर, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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