जगदलपुर , अक्टूबर 23 -- ) भारत देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय छत्तीसगढ़ के बस्तर दशहरा पर्व के ऐतिहासिक मुरिया दरबार में शामिल हुईं। बस्तर दशहरे के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब देश की कोई राष्ट्रपति मुरिया दरबार की परंपरा का हिस्सा बनीं। राष्ट्रपति ने मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे सिरहासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार में शामिल हुईं और लालबाग मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव सम्मेलन को संबोधित किया।

राष्ट्रपति ने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि यहां की परंपराएं समाज को अपनी संस्कृति से जोड़ती हैं। उन्होंने मुरिया दरबार में विभिन्न समुदायों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर जनभागीदारी से संचालित ऐसी व्यवस्थाएं खुशहाली का रास्ता खोलती हैं। उन्होंने बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को देश के लिए गौरव का विषय बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने और बस्तर की ऐतिहासिक परंपराओं को करीब से जानने का उन्हें सौभाग्य मिला। उन्होंने बस्तर पंडुम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन आदिवासी सभ्यता और संस्कृति का अनूठा संदेश देता है। जनजातीय समाज की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलनी चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि नक्सली हिंसा के कारण बस्तर के लोगों को लंबे समय तक अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। अब इन समस्याओं के समाप्त होने से विकास की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

भगवान श्रीराम के बस्तर से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वनवास के दौरान भगवान राम का जनजातीय समाज से जुड़ाव रहा। इस पवित्र भूमि पर उनके चरण पड़ना बस्तर के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बस्तर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को देश की साझा धरोहर बताया।

राष्ट्रपति ने जनजातीय समाज के प्रकृति प्रेम की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी समुदाय पेड़-पौधों को पूजता है। पेड़ हमें फल, हवा और जीवन के लिए आवश्यक संसाधन देते हैं। जंगलों को सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और प्रकृति के संरक्षण में योगदान देने का आग्रह किया।

लालबाग मैदान में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर में विकास कार्यों और बदलती परिस्थितियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और क्षेत्र के विकास के लिए रोडमैप तैयार कर उसके अनुरूप काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने सड़कों के निर्माण, मुख्यमंत्री बस सेवा, रायपुर से विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जैसी सुविधाओं को क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने बस्तर आगमन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति आभार व्यक्त किया।

समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, वन एवं पर्यावरण तथा सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, गृहमंत्री विजय शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, सांसद महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित