रायपुर , सितंबर 08 -- छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व को इस वर्ष पारंपरिक आस्था और भव्यता के साथ मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

पर्व के आयोजन, पूजा विधान, सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को बस्तर कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में दशहरा समिति की बैठक हुई। इसमें बस्तर दशहरा को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प दोहराया गया।

बस्तर सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति के उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन भी कराया गया। बचेली परगना के बीरो मांझी ने अर्जुन मांझी और सोनाबाल परगना के समुन्द मांझी ने बलराम मांझी के नाम का प्रस्ताव रखा। हाथ उठाकर हुए मतदान में बहुमत के आधार पर बलराम मांझी को नया उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया।

श्री महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने पर्व की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए एनएमडीसी से सीएसआर मद के तहत प्रतिवर्ष कम से कम डेढ़ करोड़ रुपये की स्थायी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से भी सकारात्मक चर्चा हुई है।

बस्तर राजपरिवार के सदस्य एवं माटी पुजारी कमलचंद भंजदेव ने कहा कि वर्ष 1423 से चली आ रही बस्तर दशहरा की परंपरा मैसूर और कुल्लू दशहरा से भी प्राचीन है। उन्होंने इसे यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए साझा प्रयास पर जोर दिया। साथ ही मावली परघाव से जुड़े स्थलों और मार्गों की साफ-सफाई, देवी-देवताओं एवं आंगा देव के आगमन की समुचित व्यवस्था तथा पर्व के दौरान मांझी-चालकी से पारंपरिक वेशभूषा और पगड़ी धारण करने का आग्रह किया।

बैठक में दशहरा समिति के सचिव एवं तहसीलदार ने पर्व के आयोजन के लिए एक करोड़ 21 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया। पूजा स्थलों, देवस्थलों और मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, सुरक्षा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।

कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभागीय समन्वय, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

बैठक में कमलचंद भंजदेव, आकाश छिकारा, शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना, दंतेवाड़ा से मां दंतेश्वरी के पुजारी जिया बाबा सहित मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरीन, पुजारी, प्रशासनिक अधिकारी और टेम्पल स्टेट समिति के सदस्य मौजूद रहे।

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