जगदलपुर , अक्टूबर 11 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर में विश्व प्रसिद्ध 75 दिवसीय दशहरा पर्व के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पर्व की विभिन्न पारंपरिक रस्मों और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने पहुंच रहे लोगों की सुरक्षा के लिए लगभग 400 पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
जिला प्रशासन से आज मिली जानकारी के अनुसार बस्तर दशहरा में इस वर्ष बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से भी पर्यटक पहुंच रहे हैं। वहीं बस्तर संभाग के सातों जिलों से ग्रामीण पारंपरिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए जगदलपुर पहुंचे हैं। नक्सलवाद से मुक्ति के बाद आयोजित हो रहे पहले दशहरा पर्व को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। पर्व के दौरान 12 से अधिक विशिष्ट पारंपरिक रस्मों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों से आज मिली जानकारी के अनुसार, दशहरा पर्व में हजारों लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। भीड़ प्रबंधन के साथ असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस बल की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से नियंत्रण कक्ष के माध्यम से गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि पुलिस असामाजिक तत्वों के साथ-साथ सभी तरह की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी हुई है। बस्तर दशहरा के सभी रस्मों में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही कई जगहों पर पुलिस सहायता केंद्र भी बनाए गए है, ताकि इस दशहरा पर्व में शामिल होने आए पर्यटक और स्थानीय लोगों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े।
पुलिस प्रशासन के सामने पर्व के दौरान उमड़ रही भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ पूरे जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। इसे देखते हुए प्रमुख आयोजन स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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