जगदलपुर , अक्टूबर 08 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर में विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक दशहरा पर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पर्व के प्रमुख आकर्षण आठ पहियों वाले विशाल विजय रथ का निर्माण पारंपरिक विधि से किया जा रहा है। इस कार्य में झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के ग्रामीण कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं।
जिलाधिकारी आकाश छिकारा ने शुक्रवार को कहा कि बस्तर दशहरा की सदियों पुरानी परंपरा के अनुरूप रथ निर्माण में आधुनिक मशीनों और तकनीकी माप उपकरणों के बजाय पारंपरिक शिल्पकला का उपयोग किया जा रहा है। पीढ़ियों से इस कार्य से जुड़े कारीगर अपने अनुभव और कौशल के आधार पर लकड़ी के विशाल लट्ठों को तराशकर रथ को आकार दे रहे हैं।
इस विशाल विजय रथ का निर्माण बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय आस्था और पारंपरिक शिल्पकला का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। रथ निर्माण से लेकर इसकी परिक्रमा तक विभिन्न समुदायों की भागीदारी की विशेष परंपरा रही है।
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