जगदलपुर , अक्टूबर 22 -- छत्तीसगढ़ के विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव के दौरान कल रात भीतर रैनी की रस्म शुरू होने से पहले एक दर्दनाक हादसे में विजय रथ के पहिए की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

पुलिस से आज प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर दशहरा की पारंपरिक रस्मों में भीतर रैनी का विशेष महत्व है। इस रस्म के तहत माता दंतेश्वरी के छत्र को आठ चक्कों वाले विजय रथ पर विराजित कर गोलबाजार की परिक्रमा कराई जाती है। इस आयोजन को देखने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग जुटते हैं।

बुधवार को भी विजय रथ की परिक्रमा देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ एकत्रित हुई थी। इसी दौरान परिक्रमा शुरू होने से पहले एक व्यक्ति रथ के पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

बताया गया है कि दुर्घटना के समय विजय रथ पर माता दंतेश्वरी का छत्र विराजित नहीं हुआ था। बस्तर दशहरा की परंपरा के अनुसार, मावली परघाव की रस्म पूरी होने के बाद माता दंतेश्वरी के छत्र को विजय रथ पर सवार कराया जाता है। इसके पश्चात रथ गोलबाजार की परिक्रमा करता है।

भीतर रैनी की रस्म के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण भीड़ का दबाव और धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है। इसी बीच हुए हादसे ने उत्सव स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।

घटना के बाद विजय रथ को रोक दिया गया और मौके पर आवश्यक कार्रवाई की गई। मृतक की पहचान अभी नहीं हो पायी है।

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