जगदलपुर , जून 12 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर को सिक्किम की तर्ज पर पूर्ण जैविक क्षेत्र बनाने का आह्वान करते हुए जनप्रतिनिधियों और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने की अपील की है।

कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में शुक्रवार को आयोजित खेत बचाओ अभियान एवं जैविक कृषि मेले में जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि डीएपी और यूरिया जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है तथा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर लौटने का आग्रह करते हुए कहा कि बस्तर अपनी भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण जैविक कृषि का बड़ा केंद्र बन सकता है।

उन्होंने कहा कि जैविक खेती से उत्पादन लागत कम होने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता और जल संरक्षण क्षमता में सुधार होता है। साथ ही जैविक उत्पादों की बाजार में बढ़ती मांग किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो सकती है। उन्होंने किसानों को धान के अलावा दलहन, तिलहन, कोदो-कुटकी, मक्का तथा सब्जी उत्पादन अपनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप ने मिट्टी संरक्षण और मृदा परीक्षण के महत्व पर जोर देते हुए किसानों से वैज्ञानिक पद्धति अपनाने की अपील की। महापौर संजय पाण्डे ने कृषि को देश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला बताते हुए किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया।

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