नयी दिल्ली , जुलाई 31 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देने के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में आज यह जानकारी दी गयी। इसमें बताया गया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय मंत्री श्री चौहान से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने बस्तर क्षेत्र में सड़क संपर्क को मजबूत करने पर चर्चा की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' में संशोधन का प्रस्ताव रखते हुए अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर 10 किलोमीटर की परिधि को एक क्लस्टर मानने का आग्रह किया। वर्तमान व्यवस्था में 500 मीटर की सीमा होने के कारण बस्तर के कई छोटे और बिखरे हुए गांव सड़क नेटवर्क से वंचित रह जाते हैं।

श्री चौहान ने प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है और राज्य के इस सुझाव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माना कि बेहतर सड़कें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी योजनाओं की पहुंच के लिए सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

बैठक में उपस्थित छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने राज्य में जारी ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने राज्य में 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' के तहत मुक्तिधाम व शौचालय निर्माण और 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के सफल क्रियान्वयन की विशेष सराहना की। उन्होंने प्रतिदिन लगभग 1,500 आवासों के निर्माण को राज्य की एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।

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