दरभंगा , अगस्त 22 -- बिहार में दरभंगा की एक अदालत ने बलात्कार के मामले में दोषी एक युवक को दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है।दरभंगा व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने सकतपुर थाना क्षेत्र के बैका गांव निवासी मो. हमीदुल के पुत्र मो. सरताज को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनायी।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी कर रहे सहायक लोक अभियोजक चमक लाल पंडित ने बताया कि अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद गत 19 अगस्त को अभियुक्त को दोषी करार देते हुए उसका बंधपत्र खंडित कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। शनिवार को सजा की अवधि निर्धारित करने के बिंदु पर अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहन परिशीलन करने के बाद अदालत ने दोषी को दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी।
उन्होंने बताया कि अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
श्री पंडित ने बताया कि अभियुक्त ने 28 मार्च 2022 को एक महिला को भय दिखाकर जबरन घर ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया था। इस संबंध में सकतपुर थाना में कांड संख्या 22/22 दर्ज की गयी थी। मामले का विचारण सत्रवाद संख्या 349/22 के तहत अदालत में शुरू हुआ था।
अभियोजन ने अपराध को सामाजिक दृष्टि से गंभीर बताते हुए दोषी को अधिकतम सजा देने की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने अभियुक्त की कम उम्र का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा देने की अपील की थी।
बलात्कार पीड़िता को आर्थिक सहायता देने का भी निर्देश दिया गया है। यह सहायता राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से दी जाएगी।
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